खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और ईरान और इजरायल युद्ध ने वैश्विक तेल बाज़ार में हड़कंप मचा दिया है. भारत, जो अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए बड़े पैमाने पर इस क्षेत्र पर निर्भर है, अब एक बड़े संकट की दहलीज़ पर खड़ा है. क्या भारत इस आर्थिक सुनामी को झेल पाएगा? पढ़िए यह विस्तृत रिपोर्ट.
7 अक्टूबर 2023 की सुबह, हमास ने इजरायल के दक्षिणी जिले में नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर एक के बाद एक लगातार 5000 मिसाइल हमले किए. इजरायल ने युद्ध घोषित कर हमास और गाजा पर आक्रमण शुरू किया, जिसमें बाद में लेबनान समर्थित हिजबुल्ला भी सम्मिलित हो गया.
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए. इन हमलों में मिसाइल, ड्रोन और B2 बॉम्बर जैसे साधन प्रयोग हुए. जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, क़तर, सऊदी अरब और दुबई में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर एक साथ ड्रोन और मिसाइल हमले किए.
यह जंग अब सीधे भारत की रसोई, पेट्रोल पंप और फैक्ट्रियों तक पहुँच रही है. अफवाहों के बीच देश के कई हिस्सों में सप्लाई बाधित होने की खबरें भी सामने आई हैं.
ईरान और ओमान के बीच स्थित महज 33 किलोमीटर चौड़ा होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कन है.
जंग शुरू होते ही ईरान ने जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाज़ों पर हमले शुरू कर दिए. 15 मार्च तक ईरान ने अल जजीरा के अनुसार 17 व्यापारिक जहाज़ों पर हमले किए और टैंकर ट्रैफिक 70% तक गिर गई. 150 से ज़्यादा जहाज़ होर्मुज़ के बाहर लंगर डाले खड़े हैं.
भारत अपनी 60% पेट्रोलियम ज़रूरतें खाड़ी देशों से पूरी करता है. भारत की LPG और नेचुरल गैस लिक्विड्स की लगभग सारी आयात खाड़ी देशों से होती है। इसके अलावा, भारत की 60% प्राकृतिक गैस की आपूर्ति खासकर क़तर से आती है.
भाजपा सरकार की देन :
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 11, 2026
- पहले आधार की लाइन,
- फिर नोटबंदी की लाइन,
- फिर राशन की लाइन,
- फिर खाद की लाइन,
- फिर केवाईसी की लाइन,
- फिर एसआईआर की लाइन,
- और अब ये गैस की लाइन…
भाजपा से त्रस्त परिवारवाले, भूख से तड़पते बच्चों को देखकर एक-दूसरे से पूछ रहे हैं : ये लाइन… pic.twitter.com/WelAQ3qj4f
सोशल मीडिया और न्यूज चैनल वेबसाइट पर फेक न्यूज की बाढ़ आ गई, जनता पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों पर अपने वाहनों और सिलेंडर लेकर लाइन में लग गए, और कई जगहों पर उपद्रव की खबरें भी सोशल मीडिया पर तैरने लगी.
बुराड़ी की इंडियन गैस एजेंसी के बाहर खड़ा होकर यह वीडियो @HardeepSPuri जी को दिखाने के लिए बना रहा हूँ।
— Sanjeev Jha (@Sanjeev_aap) March 13, 2026
संसद में आप और आपकी सरकार कह रही हैं कि गैस की कोई किल्लत नही है, सिलेंडर 2 दिन में मिल रहा है, लेकिन यहाँ ग्राउंड की सच्चाई कुछ और है।
यहाँ कई लोग सुबह 7 बजे से अपने घर का… pic.twitter.com/IWGdaPmQr5
जयपुर में ऑटो वाले पैनिक क्रिएट कर रहे हैं.
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) March 14, 2026
जानबूझकर 4 से 5 घंटे तक लाइन में खड़े हैं.
जबकि देश में भरपूर गैस है, कोई कमी नहीं है. इन सारे देशद्रोहियों पर FIR होनी चाहिए. घर पर बुलडोजर चलना चाहिए. pic.twitter.com/WommFR0msZ
सिलेंडर की लाइन में दम तोड़ता आम आदमी, क्या এটাই है भाजपा की खुशहाली?
— UP Congress (@INCUttarPradesh) March 24, 2026
उत्तर प्रदेश में गैस सिलेंडर की किल्लत अब जानलेवा बन चुकी है। हापुड़ में लाइन में लगे युवक को हार्ट अटैक आना और कानपुर में बुजुर्ग माताओं का दाने-दाने को तरसना भाजपा सरकार के 'सुशासन' के दावों पर करारा तमाचा… pic.twitter.com/d9C0dMvHrp
ऐसी स्थितियों को देखते ही भारत सरकार ने 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया है जो पूरे देश में पेट्रोलियम स्टॉक पर नज़र रख रहा है. इसके साथ ही पेट्रोलियम मंत्रालय और विभिन्न कंपनियां लगातार सोशल मीडिया पर जनता को स्थिति पर जानकारी देती रही, और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दिया.
देश के सामान्य परिवारों को कम से कम परेशानी हो, इस पर हमारा फोकस रहा है। इसलिए हमने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG की उपलब्धता को प्राथमिकता दी है। pic.twitter.com/c9a07Z3zDM
— Narendra Modi (@narendramodi) March 23, 2026
प्रिय उपभोक्ता,
— Hindustan Petroleum Corporation Limited (@HPCL) March 24, 2026
देशभर में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। ईंधन की आपूर्ति सामान्य है और पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर खरीदारी न करें। कृपया सामान्य रूप से ही ईंधन लें।
एचपीसीएल अपने नेटवर्क के माध्यम से… pic.twitter.com/HsOKDS0TWn
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार भारत ने अपनी 70% कच्चे तेल की आपूर्ति होर्मुज़ के बाहर से सुनिश्चित कर ली है. अमेरिकी ट्रेज़री ने 6 मार्च 2026 को भारत को 30 दिन की आपातकालीन छूट दी, जिससे रूसी तेल खरीदने की अनुमति मिली.
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अभी इन मोर्चों पर काम करना होगा:
अंतर्राष्ट्रीय संकट समूह के ईरान विशेषज्ञ अली वाएज़ के अनुसार होर्मुज़ बंद होने से रातों रात दुनिया का पाँचवाँ हिस्सा तेल बाज़ार से गायब हो जाएगा, और कीमतें सिर्फ बढ़ेंगी नहीं, बल्कि अचानक उछाल मारेंगी.
भारत के पास अभी भी वक्त है। लेकिन यह वक्त सिर्फ संकट से उबरने का नहीं, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नींव रखने का है.